वर्मीकम्पोस्ट के जैविक गुण
- बैक्टीरिया एक्टिनोमाइसीटीज, एजीटोबैक्टर, राइजोवियम, फॉस्फेट साल्युविलाइजर एवं नाइट्रोवेक्टर की संख्या 1010 से अधिक होती है।
- ऑक्सिन एवं साइटोकाइनिन पादप हार्मोन पर्याप्त मात्रा में पाये जाते है।
- वर्मीकम्पोस्ट में म्यूकस के आवरण वाले बारीक कणों के कारण रेतीली मिट्टी के बिखरे हुये कणों को जोड़ने की क्षमता पायी जाती है। चिकनी मिट्टी में कणों के बीच जगह बनाने की क्षमता के कारण वर्मीकम्पोस्ट जैविक गतिविधियों को बढ़ावा देती है।
- वर्मीकम्पोस्ट के कण मृदा के कणों के साथ मिलकर मिटटी की जल संरक्षण क्षमता को बढ़ा देते है। इस कारण जमीन में नमी रहने से जैविक गतिविधिया सही ढंग से चलती है।
- मिटटी के बढें हुए जल संरक्षण क्षमता के कारण मिट्टी में पहले से मौजूद कार्बनिक तत्वों को लगातार नमी मिलती रहती है और उनका अपघटन प्रारम्भ हो जाता है।
- जमीन में मौजूद जीवाणुओं को लगातार खुराक मिलती रहती है। इस प्रकार वर्मीकम्पोस्ट में उपलब्ध सूक्ष्म जीवाणु मिट्टी में उपस्थित ऑरगेनिक मैटर (कार्बनिक पदार्थ) को खाकर लगातार वृद्धि कर सकते है।
पिछले पृष्ठ पर जाएं