वर्मीकम्पोस्ट बेड का आकार
वर्मीकम्पोस्ट बनाने में वर्मीबैड का आकार सबसे महत्वपूर्ण हैः
- बेड अर्द्धगोलाकार व एक हाथ की ऊचाई (18-20 इंच) के बराबर लगानी चाहिए जिससे बेड में हवा का प्रवाह सही रहता है। इसमें तीनों ओर से खुले रूप में तथा नीचे से भी हवा का प्रवाह बना रहता है।
- बेड की ऊंचाई 18-20 इंच से अधिक होने पर कच्चा माल दबाव के कारण ठोस हो जाता है और उसका तापमान भी बढ़ जाता है। अधिक तापमान होने पर केंचुए उस स्थान पर वापस नही जा पाते है, इससे उनके खाने की प्रक्रिया बन्द हो जाती है।
- इस आकार की बेड में कुछ दिनों तक पानी न देने पर भी अन्दर नमी रहती है। इससे केचुओं के मरने का खतरा कम हो जाता है।
चित्र: खुले पेड़ पौधो की छाव में वर्मीकम्पोस्ट उत्पादन का दृश्य



